कभी कभी ,
सुलझे हुए रिश्ते भी उलझ जाते है अनेकों बार।।
फिर जज्बात भी मर जाते है,
और चून लेते है वो हार।।
हर कदम किसीको समझना मुमकिन नहीं होता।
यही जिंदगी है ,
सबको प्यार हासिल नहीं होता।
चल पड़ते है
अकेले
तो
दामन छुड़ा लेते है।
कभी अपने ,
कभी सपने बिखर जाते है
नैनो से नीर बहते है।
नहीं मिलती जिंदगी,
जिसमें हो
सुकून की झंकार ।
मिलता है जब सुकून जब कांधे मिले वो चार 💞💞रीमा जैन

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