“कृष्ण जन्मोत्सव”
(जन्माष्टमी स्पेशल)

जन्म लिए मेरे कृष्ण कन्हैया सलोने,
गोकुल में देखो बज रही शहनाई।
नंद के घर आए ब्रिजवासी देने बधाई,
ढोल नगाड़े बज रहे है आये कृष्ण कन्हैया।

धन्य हो गई यमुना कर रही गुणगान,
चरण छूकर बालकृष्ण प्यारे ललन के।
धन्य हो गई सारी नगरी ब्रिज की,
तीनों लोकों के नाथ जन्म लिए मुरारी।

आज पूरी नगरी में खुशियां छाई है,
गोकुल की नगरी सजी धजी है।
अनाज धन लड्डू बर्फी रसगुल्ले पेड़ा
बाँट रहे हैं नंद बाबा खुश होकर।

मैया खुशी से नृत्य करती लेकर बलैया,
बलदाऊ अपने संग सखा के बांटे बधाई।
हो रही है हर तरफ आनंद की अनुभूति,
आनंदित हुआ पूरा नगर खुशियां है घर घर।

देख देख टुकुर टुकुर कन्हैया मुस्कुरा रहे हैं,
गलियाँ मुंडेर हर नुक्कड़ पर खबर है।
कन्हैया का आज जन्मोत्सव है,
जय घोष हो रहा है हर चौबारे पर।

मटकी में भर भर माखन फोड़ रहे हैं,
कन्हैया आया है मेरा बजाओ ढोल मृंदग।
गोकुल की गोपियाँ मग्न है देख कर,
लाडला कन्हैया की मनमोहन छवि।

हर जगह ये चर्चा है मथुरा काशी से लेकर,
इस्कान बिड़ला मंदिर हर मीडिया पर।
इस युग में भी कृष्ण जन्म सब मनाते हैं,
कलयुग में भी सजा मथुरा वृंदावन।

छप्पन भोग, मेवा, फल,काजू, बादाम,
धनिया गुड़ का भोग लगाते करके जन्म।
सुंदर वस्त्र पहनाकर बाल गोपाल को,
करते हैं जन्मोत्सव की हर तैयारी।

झूला सुंदर सजाकर तोरण द्वार सुशोभित,
शंखनाद जब होता है लेते हैं कृष्ण जन्म।
कृष्ण जन्म में होते हैं मंदिरों में भजन,
मिश्री, पंचमेवा बनाकर कराते कृष्ण स्नान।

मटकी फोड़ मचता हर तरफ हर्षोल्लास,
कृष्ण मुरारी जन्म लिए, होता जय जय कार।
मनाओ खूब सारी खुशियां आया त्यौहार,
नंद किशोर जन्म लिए आया कृष्ण जन्मोत्सव।

स्वरचित और मौलिक रचना
पूजा गुप्ता मिर्जापुर उत्तर प्रदेश

By admin

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