रिश्तें बहुत नाजुक होते है
इनको संभालो जीवन में दुखों को कम करते है
अगर रिश्तों की डोर होती कमजोर है
एक पल में टूट कर बिखर जाते है

जीवन में रौनक इनसे से होती है
सच्ची दौलत जीवन की यही होती है
रिश्तें होते है तो प्रेम सच्चा होता है
आज बड़ी मुश्किल से रिश्तें की कदर होती है

जरा जरा सी बात पर टूट कर बिखर जाते है
आज कोई किसी के साथ रिश्तें नहीं निभाता है
बस नाम के लिए बचें रिश्तें है
आज सब रिश्तें लोगों को बोझ से लगते है

समझना होगा रिश्तों के बिना सब ख़ुशी अधूरी है
अगर मजबूत न हो रिश्तें ताश के पत्तों की ढह जाते है
रिश्तों के बिना जीवन में खुश नहीँ रहते है
यही जीवन की आधारशिला और मजबूत नींव होते है

 

पूनम गुप्ता

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