विश्व कविता दिवस की सभी रचनाकारों को हार्दिक शुभकामनाएं।
सभी रचनाकार उत्तरोत्तर प्रगति करते रहें, यही है कामनाएं।

कविताएं मन के भावों को व्यक्त करने का जरिया होती हैं।
यह तो जैसे शब्दों की बहती हुई निर्मल नदिया होती हैं।

हर रचनाकार इनमें डूब जाना चाहता है, खो जाना चाहता है।
तूलिका और शब्दों का तो हर रचनाकार से गहरा राब्ता है।

कलमकार लिख देता है मन के सुख दुख, गम खुशी को अपनी कविताओ में ।
उड़ेल देता है वो खुलकर तूलिका से अल्फाजों को कागज़ पर अपनी भावनाओं में।

सभी को 21 मार्च विश्व कविता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
सभी रचनाकार उत्तरोत्तर प्रगति करते रहें यही है कामनाएं।

डॉ. दीपा कोहली “दीप”

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