शब्दों के मेल से
बनती है एक कविता ,
मन के भावों को
कागज़ के पन्नों पर
उकेरती है एक कविता ,
कभी उलझन से भरे
अंतर्मन से झांकती
है एक कविता ,
तो कभी आंखों में छिपे
मर्म का आभास कराती
है एक कविता ,
कभी बोझिल मन को
प्रफुल्लित करती
है एक कविता ,
तो कभी ज़िन्दगी को
सही दिशा बताती
है एक कविता ,
है जीवन की सच्ची
संगिनी एक कविता ,
निराशा की आंधी में
आशा का दीप सदैव
प्रज्वलित करती है एक कविता !

सोनल पंवार✍️
उदयपुर (राजस्थान)
स्वरचित एवं मौलिक

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.