शीर्षक  – स्वतंत्रता दिवस की शान तिरंगा

मेरे भारत की
शान है तिरंगा।
लहराता है जब यह गर्व से
मुस्कुरा उठता है गगन।
महक़ जाती हैं
हवाएँ भी छूकर इस तिरंगे को।
स्वतंत्रता – दिवस
की शान है तिरंगा।
मेरे भारत की
आन और बान है तिरंगा।
वीर जवानों और
हर भारतवासी की जान है तिरंगा।
आओ मनाएँ, सब मिलकर
स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगाँठ
क्योंकि हम सबका अभिमान है तिरंगा।
आज़ादी के अमृत महोत्सव की
पहचान है तिरंगा।

रचना – स्वरचित / मौलिक
रचयिता – आचार्या नीरू शर्मा
स्थान – कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश ।

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