Category: काव्य रचना

स्वतंत्रता दिवस की शान तिरंगा

शीर्षक  – स्वतंत्रता दिवस की शान तिरंगा मेरे भारत की शान है तिरंगा। लहराता है जब यह गर्व से मुस्कुरा उठता है गगन। महक़ जाती हैं हवाएँ भी छूकर इस…

मेरा भारत महान है

अपने आपको भी ये अहसास कराएं मिलकर सारे देशवासी आओ तिरंगा फहराएं एक बार फ़िर से अपने स्वतन्त्रता दिवस के मौके पर मन में देश प्रेम की भावना लिए देश…

कभी कभी

कभी कभी , सुलझे हुए रिश्ते भी उलझ जाते है अनेकों बार।। फिर जज्बात भी मर जाते है, और चून लेते है वो हार।। हर कदम किसीको समझना मुमकिन नहीं…

बात आखिरी होगी

जाने कौन सी मुलाकात आखिरी होगी, जाने कौन सी रात आखिरी होगी, इल्म नहीं है अभी, उससे मिलन का फिर न जाने कौन सी बात आखिरी होगी, आंखों को है…

ज़ख्म जब मेरे

ज़ख्म जब मेरे सीने के भर जाएंगे, आंसू भी मोती बन के बिखर जाएंगे, ये मत पूछना किसने दर्द दिया, वरना कुछ अपनों के सर झुक जाएंगे। दिल के दर्द…

खो गए थे हम

भूल कर दुनिया खुद से मुलाकात करते हैं। आज फिर खुद से खुद की ही बात करते हैं। खो गए थे हम कहीं जमाने की आबोहवा में, रह गए कुछ…

संपूर्ण रामायण प्रमुख धार्मिक महाकाव्य है

संपूर्ण रामायण प्रमुख धार्मिक महाकाव्य है हमारा। प्रतिदिन अध्ययन करने मात्र से सुख मिलता सारा।। सम्पूर्ण रामायण में वैसे तो हैं कई कांड और अध्याय। पर तुच्छ प्रयास किया कि…